अचानक कैलेंडर पे नज़र पड़ी आखिर जाने का दिन पास आ गया .. सब ने मिल जुल कर प्लान बनाया था कि किस रस्म में कौन सी और कैसी साड़ी पहनेंगे सो मैंने भी सब कुछ काफी दिन पहले से पैक कर लिया मेरी इसी आदत का स्वप्निल साक्षी हमेशा मजाक बनाते है कि सब से पहले मम्मी की सूटकेस पैक हो जाती है, शायद दुल्हन से भी पहले... 😆
अब जब बाकी लोग पैकिंग करेंगे( आख़िरी दिन) तब हम आराम से बैठेंगे.. न्यूज पेपर हाथ में लिया ही था कि कॉल बेल बजी.. जाते तक तीन बार बज गई.. ओफ्फोह ,... कौन है ? जो इस तरह बेल बजा रहा है.. देखा तो courier आया था हमारे नाम से एक .. भेजने वाली साक्षी . खोलने पर सुंदर सी साड़ी निकली ... तो याद आया कि वो कह ही रही थी कि आपके लिए पहली salary से एक सरप्राइज है तभी उसका फोन आ गया .. मम्मी आप ये वाली साड़ी पहनना ना ..शादी में ...फॉल वॉल लगवा के भिजवाई थी उसने. मै सोच में पड़ गई ये तो एकदम ही अलग अलग है colour theeme सब कुछ उससे एकदम ही अलग.. जैसा कि decide किया है सबने..
आखिर हम ने इस साड़ी को भी रख लिया.. मैचिंग ब्लाउज भी ।
शादी वाले दिन सब तैयार हो कर हॉल में बैठे थे ।जैसे ही मैं वहां पहुंची सब को मानो टॉपिक मिल गया बात करने का...
अरे !!ये क्या साड़ी पहनी है तुमने? कमाल है !!हमने तय किया था ना कि सब पैठणी पहनेंगे फिर तुम क्यूं odd one out बनी हुई हो? ऐसा करो कि एक बोर्ड भी ले लो हाथ में कि ये भी पैठणी ही है... सब ठहाके लगा रहे थे ...। जाओ जा कर बदल लो तुम्हारे पास तो दो तीन पैठणी है फिर ?? जिस को देखो वही हमें कह रहा था मानो कि हमने कोई गुनाह कर दिया हो हां लेकिन कुछ गिने चुने ऐसे भी थे जिन्होंने साड़ी की तारीफ की उनको थैंक्स !! अब क्या और किस किस को बताते कि ये हमारे लिए कितनी अनमोल है!! .. सो चुप ही रहे ..जल्दी से एक सेल्फी ली और भेज दी साक्षी स्वप्निल को...😊